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एलएमईसी-12 द्रव श्यानता मापन – केशिका विधि

संक्षिप्त वर्णन:

द्रव श्यानता का उपयोग न केवल इंजीनियरिंग और उत्पादन प्रौद्योगिकी में व्यापक रूप से होता है, बल्कि जीव विज्ञान और चिकित्सा में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उदाहरण के लिए, रक्त श्यानता का मापन मानव रक्त स्वास्थ्य के महत्वपूर्ण संकेतकों में से एक है। इस प्रयोग में, ऊर्ध्वाधर केशिका नलिका में श्यान द्रव के प्रवाह नियम का उपयोग किया जाता है, जो गिरती हुई गेंद विधि की तुलना में बेहतर है। इसके लाभ हैं कि इसमें नमूने का आकार छोटा होता है, तापमान के विभिन्न बिंदुओं पर इसका उपयोग किया जा सकता है और मापन सटीकता उच्च होती है। यह विशेष रूप से कम श्यानता वाले द्रवों, जैसे पानी, अल्कोहल आदि के लिए उपयुक्त है। इस उपकरण का उपयोग न केवल छात्रों के ज्ञान को बढ़ाता है, बल्कि उनकी प्रायोगिक संचालन क्षमता को भी विकसित करता है।


उत्पाद विवरण

उत्पाद टैग

प्रयोगों

1. पॉइज़ुइल नियम को समझें

2. ओस्टवाल्ड विस्कोमीटर का उपयोग करके तरल के श्यानता और पृष्ठ तनाव गुणांक को मापना सीखें।

 

 

विशेष विवरण

विवरण

विशेष विवरण

तापमान नियंत्रक रेंज: कमरे के तापमान से 45 ℃ तक। रिज़ॉल्यूशन: 0.1 ℃
स्टॉपवॉच देखनी रिज़ॉल्यूशन: 0.01 सेकंड
मोटर की गति समायोज्य, विद्युत आपूर्ति 4 वोल्ट ~ 11 वोल्ट
ओस्टवाल्ड विस्कोमीटर केशिका नली: आंतरिक व्यास 0.55 मिमी, लंबाई 102 मिमी
बीकर का आयतन 1.5 लीटर
विंदुक 1 लीटर

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